
मां-बाप अपने बच्चों के लिए क्या नहीं करते, लेकिन मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक परिवार ऐसा भी है जो अपनी बच्ची की जिंदगी बचाने के लिए अपनी किड़नी बेचना चाहता है... इसके लिए उसने सरकार से गुहार भी लगाई है अंकुर विजयवर्गीय, भोपाल की एक खास रिपोर्ट.... इस मासूम की आंखों में कुछ सपने हैं... ये भी कुछ करना चाहती है... अपने मां-बाप का नाम जहां में रोशन करना चाहती है, लेकिन कुदरत को इसकी इच्छाओं से ज्यादा वास्ता नहीं है ये दौड़ तो सकती है लेकिन बहुत जल्दी थक जाती है इसे जिन्दा रहने के लिए हर हफ्ते खून की जरूरत होती है. असल में ये बच्ची थैलीसीमिया नाम की एक बीमारी से
पीड़ित है...
12 साल की दिव्या को बचपन से ही ये बीमारी है... जिन्दा रहने के लिए उसे हर हफ्ते एक यूनिट खून की जरूरत होती है... लेकिन इसके परिवार की हालात ऐसी हो चुकी हैं कि अब उसे खून चढ़वाने की स्थिति में वो नहीं हैं... भोपाल में दिव्या अपने मां-बाप और दो भाईयों के साथ रहती है... अपनी बेटी को जिन्दा रखने के लिए इसके मां-बाप ने नया तरीका निकाला है जिसे सुनकर शायद आपके रौंगटे खड़े हो जाए... दिव्या के मां-बाप अपनी बच्ची के जीवन के लिए अपनी किडनी बेचना चाहते हैं... इसके लिए उन्होंने सरकार से इजाजत भी मांगी है... दिव्या की मां का कहना है कि अब उनके पास इसके अलावा कोई ओर रास्ता नहीं है...इस बीमारी से जूझ रही दिव्या के हौंसले इसके बाद भी कम नहीं हुए है... वो स्कूल नहीं जाती लेकिन घर पर ही अपने भाईयों की मदद से पढ़ाई करती है... साथ ही साथ वह आगे चलकर डॉक्टर भी बनना चाहती है...प्रदेश में लड़कियो और महिलाओं के बीच मामा और भाई के रूप में प्रसिद्ध मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान को इस रिश्ते को निभाने से पहले दिव्या के दर्द को जरूर समझना होगा....