भ्रष्ट आइएएस डा0 प्रदीप कुमार सीबीआई के फंदे में
लड़कियों का रसिया डा0 प्रदीप कुमार के घर छापा.
कई लडकियों की चिटिठयां थोक में मिलीं.
यह गौर करने वाली बात है कि जिस आईएएस पर देश और प्रदेश की जनता आस लगाये रहती है, जिनका भविष्य इनके विवेक और जनकल्याणकारी कार्यशैली पर टिका हुआ होता है, ऐसे आईएएस निकम्मा, दोगला, लूटेरा, और ऐयास निकल जाये, तो ऐसे में गरीब जनता किस पर विश्वास करे?
आपको बता दें कि यह वही प्रदीप कुमार है, जो बाबा रामदेव के बहाने झारखंड की जनता को लूटने का काम किया था. यह वही प्रदीप कुमार हैं, जिनके बारे मे कहा जाता है कि प्रदेश के दिग्गज राजनेता इन्दर सिंह नामधारी भी इनके करतूत के आगे हार मान गये. वहीं यह भी चर्चा थी कि डा0 प्रदीप को पूर्व मुख्यमंञी अर्जुन मुण्डा का संरक्षण् प्राप्त था. यह वही प्रदीप कुमार हैं, जो झारखंड के कृष्ण कहे जाते हैं. ये अपने इर्द-गिर्द गोपियो की टोली रखते है. यह वही प्रदीप कुमार हैं, जो महिला इनकी बड़ी कमजोरी मानी जाती है और इसके बल पर कई लोग इनके विभाग को चूना लगाते रहे है. और इनके इसी कम्जोरी का लाभ श्यामल चक्रवर्ती जैसे मगरमच्छ ने इनसे करोडों का ठेका और विभाग मे आपूर्ती का काम प्राप्त कर लेता है, और रातो-रात करोड़पति बन जाता है. धूर्तराज श्यामल चक्रवर्ती अपनी बीबी, भावज, एवं बाहर की कई अन्य लड़कियो की सेवा डा0 प्रदीप कुमार को उपलब्ध कराते रहे हैं, और उसके बदले में अपनी बेटी रिया इंटरप्राईजेज मे डा0 प्रदीप कुमार के भाई को पार्टनर बनाकर विभाग को लूटने का काम बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से करता है. इस बाबत पिछले साल से ही कई अंकों में इनके कारनामों को उजागर करने वाला प्रदेश का एक मात्र पाक्षिक अखबार सर्चटाइम्स के सम्पादक राम प्रकाश तिवारी को तिलमिलाहट मे श्यामल चक्रवर्ती से डा० प्रदीप कुमार धमकी दिलवाता है, और राम प्रकाश तिवारी पर समाचार नहीं छापने के लिये दबाव बनावाता है, इस बावत राम प्रकाश तिवारी की लिखित सूचना पर राँची के कोतवाली थाना भी कोई कार्रवाई नहीं करता है, इसी से अंदाजा लगता है कि डा0 प्रदीप कुमार झारखंड राज्य के कितने पावरफूल आईएस हैं, जिनकी स्थिति आज सीबीआई के सामने बकरी सी हो गयी है.
सीबीआई के छापे में डा0 प्रदीप कुमार के भ्रष्ट मंडलियों में पूर्व आरसीएच पदाधिकारी डा0 विजय शंकर नारायण सिंह, बिल्डर धर्मेन्द्र, श्यामल चक्रवर्ती, अरूप चक्रवर्ती, नन्द किशोर फोगला आदि के राँची, हजारीबाग, पलामू, स्थित जगहों पर छापामारी से राँची के अलावा उदयपुर और दिल्ली में भी संपत्ति होने के कागजात प्राप्त हुए हैं, साथ ही सिंगापुर में निवेश के संकेत भी मिले हैं. डाक्टर प्रदीप कुमार के धूर्त मंडलियों के अभी कई नाम उजागर नहीं हुए हैं, जिनमें राँची के एवं राँची के बाहर के बड़े अखबार और मिडीया के संवाददाता भी शामिल हैं. सूत्र बताते हैं कि एक तथाकथित पत्रकार की बेटी, बहन, भाई, भतीजी, बहनोई भी डा0 प्रदीप कुमार के भ्रष्ट मंडली के हिस्सा बने हुए है, जिन्हें 25 लाख रुपये डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के लिए दिये गये हैं. यहाँ यह जानना भी जरूरी है कि डॉक्टर प्रदीप कुमार के अनुकंपा से अपनी देह की बदौलत एड्स नियंत्रण समिति एवं आरसीएच में कई महिलाऍं नौकरी का सुख भोग रही हैं. एक महिला के तो के खानदान के अधिसंख्य सदस्य विभिन्न रूपों में इस विभाग के पैसे खा रहे हैं. यह गौर करने वाली बात है कि जिस आईएएस पर देश और प्रदेश की जनता आस लगाये रहती है, जिनका भविष्य इनके विवेक और जनकल्याणीकारी कार्यशैली पर टिका हुआ होता है, ऐसे आईएएस निकम्मा, दोगला, लूटेरा और ऐयास निकल जाये, तो ऐसे में गरीब जनता किस पर विश्वास करे?
अरुण कुमार झा
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