आम आदमी को अब चिकित्सकों को भगवान समझने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अब चिकित्सक भी कमीशनखोर हो गये हैं. ऐसी बात नहीं है कि वे आज ही हुए हैं कमीशनखोरी चिकित्सकों के लिए अब एक उद्योग बन गया है. आप जहाँ भी जायें चिकित्सकों के पास वे आप को भारी-भरकम लिस्ट थमा देंगे पैथोलोजिकल जाँच के लिए. आप के पास खाने का अन्न हो न हो लेकिन ये बेईमान, चिकित्सक चिकित्सिा के नाम पर आप को कहीं नहीं रहने देंगे. समाज में अतिप्रतिष्ठित माने जाने वाले चिकित्सकीय पेशा घृणित पेशा के रूप में देखा जाने लगा है, रोगियों के लिए मजबूरी है कि वे जायें तो जायें कहाँ उन्हें तो वहीं जाना पड़ेगा, जहाँ लूटा-पिटा कर जान बचाना है. वे करे तो क्या करे. उन्हें तो धन लोलूप चिकित्सक की शरण में ही जाना पड़ेगा, ऐसे धनलोलूप चिकित्सक के कारण समाज को शर्मसार होना पड़ रहा है.